लतीफ शाह बांध पर खतरा साफ, डेंजर जोन में बेखौफ सैलानी—क्या हादसे का है इंतजार

लतीफ शाह बांध पर खतरा साफ, फिर भी प्रशासन बेखबर! डेंजर जोन में बेखौफ सैलानी—हादसे का इंतजार

Aug 27, 2026 - 14:59
लतीफ शाह बांध पर खतरा साफ,  डेंजर जोन में बेखौफ सैलानी—क्या हादसे का है इंतजार

लतीफ शाह बांध पर खतरा साफ, फिर भी प्रशासन बेखबर! डेंजर जोन में बेखौफ सैलानी—क्या हादसे का है इंतजार ...?

 चंदौली। शहाबगंज ब्लॉक क्षेत्र स्थित लतीफ शाह बांध इन दिनों मानसून की दस्तक के साथ सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बांध पर पानी का ओवरफ्लो शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग प्राकृतिक नजारा देखने पहुंच रहे हैं। लेकिन खूबसूरत दृश्य के पीछे छिपा खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सैलानी अपनी जान की परवाह किए बिना पानी के तेज बहाव और फिसलन वाले हिस्सों के बेहद करीब पहुंच रहे हैं।

कहीं लोग गिरते पानी के सामने खड़े होकर सेल्फी ले रहे हैं तो कहीं रोमांच के चक्कर में डेंजर जोन तक पहुंचकर नहाने का जोखिम उठा रहे हैं। तेज बहाव के बीच एक छोटी सी चूक किसी परिवार की खुशियों को मातम में बदल सकती है। बावजूद इसके मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

खतरा सामने, प्रशासन कहां?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मानसून के दौरान लतीफ शाह बांध पर दुर्घटनाओं का खतरा पहले से बना रहता है, तो सैलानियों को खतरनाक हिस्सों तक पहुंचने से रोकने के लिए ठोस इंतजाम क्यों नहीं दिखाई दे रहे?

डेंजर जोन में प्रवेश रोकने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग, पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और निगरानी की व्यवस्था होना जरूरी है। लेकिन यदि लोग लगातार पानी के बेहद करीब तक पहुंच रहे हैं, तो यह सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है।

गौरतलब है कि मानसून के मौसम में लतीफ शाह बांध पर पूर्व में दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती रही हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। आसपास जमा पानी के कारण जमीन पर फिसलन भी बढ़ जाती है, जिससे खतरा और गंभीर हो जाता है।

ऐसे में सवाल केवल सैलानियों की लापरवाही का नहीं है। शासन-प्रशासन, सिंचाई विभाग और वन विभाग की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। खतरे वाले स्थान को चिन्हित कर वहां लोगों की आवाजाही रोकना और सुरक्षा इंतजाम करना हादसे के बाद की कार्रवाई से कहीं बेहतर है।

एक हादसा कई जिंदगियां उजाड़ सकता है

सेल्फी के कुछ सेकेंड या रोमांच के कुछ मिनट जिंदगी से बड़े नहीं हो सकते। सैलानियों को भी समझना होगा कि प्राकृतिक नजारा देखने और मौत को चुनौती देने में फर्क है। पानी का बहाव जितना आकर्षक दिखाई देता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है।

वहीं प्रशासन के सामने भी अब सीधा सवाल है—क्या किसी बड़े हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी, या उससे पहले ही डेंजर जोन को सुरक्षित किया जाएगा?

जरूरत है कि संवेदनशील स्थानों पर तत्काल मजबूत बैरिकेडिंग, स्पष्ट चेतावनी संकेत, निगरानी और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि सैलानी सुरक्षित दूरी से लतीफ शाह बीयर की खूबसूरती का आनंद ले सकें।

लतीफ शाह बांध का पानी देखने के लिए है, जिंदगी जोखिम में डालने के लिए नहीं।

प्रशासन की जिम्मेदारी हादसे का इंतजार करना नहीं, हादसा रोकना है।

Suraj Suraj is a Journalist at Bharat Khabar (bhaaratkhabar.com), covering Politics, National Affairs, Entertainment, and Sports.